खेतों में बिजली का तार टूटकर गिरा, 6 एकड़ गेहूं की फसल तबाह

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बाढड़ा

गांव रामबास में देर रात्रि व आज सुबह 2 बार बिजली आपूॢत का तार टूटकर गिरने से 2 किसानों की 6 एकड़ से अधिक गेहूं की पकी व कटी हुई फसल तबाह हो गई। ग्रामीणों द्वारा दोनों बार ही फायरब्रिगेड के लिए सम्पर्क भी किया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। छह माह की लाखों की फसल राख में तब्दील होने से पीड़ित किसान सदमे की स्थिति में हैं और उन्होंने जिला प्रशासन से सारे मामले की जांच कर उनको न्याय दिलवाने की मांग की है।

गांव रामबास निवासी प्रवीण, नवीन कुमार व अन्य किसानों के खेतों से हाईटैंशन बिजली आपूॢत लाइन गुजर रही है और किसानों ने उसके नीचे खड़ी गेहूं को काटकर अभी एकत्रित ही शुरु किया था कि देर सायं मौसम खराब होने से वह अपने घर लौट गए। देर रात्रि किसानों को अपने खेतों में आग की लपटें नजर आई तो उन्होंने अन्य ग्रामीणों को मौके पर बुला कर देखा तो वहां तार टूट कर जमीन पर गिरा और वहां से उठी ङ्क्षचगारी से पकी हुई फसलें इसकी चपेट में आ गई। मास्टर राजकपूर, विक्रम, सुखबीर सिंह, ओमकार, सत्यवान, धूपसिंह, दलबीर, रणबीर सिंह इत्यादि किसानों ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में पहली बार इस तरह किसानों की फसलें देखीं जिससे उनके पैरों से जमीन खिसक गई। उन्होंने बड़ी मुश्किल से ट्रैक्टरों की मदद से खड़ी फसलों की जुताई कर आग पर काबू पाया लेकिन इससे छह एकड़ से अधिक फसलें पूरी तरह तबाह हो गई।

गांव रामबास में देर रात्रि आग लगने से प्रशासन की भारी लापरवाही सामने आ रही है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसलों में रात्रि व सुबह के समय 2 बार आग लगने से मचे तांडव के 12 घंटे बाद बाढड़ा पुलिस एवं दादरी से फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। भाकियू अध्यक्ष धर्मपाल बाढड़ा, महासचिव हरपाल भांडवा, सरपंच गिरधारी मोद, रणधीर सिंह हुई ने बताया कि भले ही सरकार बाढड़ा को उपमंडल का दर्जा देकर अपनी पीठ थपथाए लेकिन दुर्भाग्य है कि यहां पर किसानों व आमजन के लिए कोई सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से डी.आर.ओ. की अध्यक्षता में गांव में विशेष टीम भेजकर सारे मामले की रिपोर्ट तैयार कर प्रभावित किसानों को कम से कम 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा मुहैया करवाने की मांग की है।

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