मशरूम की खेती करते ही बदल गई किस्मत

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मशरूम की खेती करते ही बदल गई किस्मत
मशरूम की खेती करते ही बदल गई किस्मत

चम्बा

कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल कैसी भी हो उसे आसानी से पाया जा सकता है। जी हां, यही कारनामा कर दिखाया है चम्बा जिला के सलूणी उपमंडल के अंतर्गत आने वाले नरोही गांव के अमर सिंह ने। पेशे से किसान अमर सिंह ने पिछले काफी सालों से फल-सब्जी का उत्पादन किया लेकिन उतना मुनाफा नहीं कमा सके लेकिन 4 साल पहले अमर सिंह को किसी उद्यान विभाग के अधिकारी ने मशरूम के बारे में प्रोत्साहित किया। शुरूआत में अमर सिंह को दिक्कतें तो हुईं लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया अमर सिंह की मेहनत रंग लाने लगी। अमर सिंह को हर रोज सीजन के दौरान प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपए का मुनाफा होने लगा। अमर सिंह सलूणी क्षेत्र सहित पूरे चम्बा जिला में ऐसे होनहार किसानों में शुमार हो गए हैं, जिनकी आय मशरूम के चलते दोगुना से चार गुना हो गई। अमर सिंह ने मशरूम को तैयार करने के लिए बनाई जाने वाली खाद को भी खुद तैयार किया, जिसमें किसी तरह की कोई मिलावट नहीं होती है।

हालांकि शुरूआत में मार्कीट न होने के चलते उन्हें मशरूम बेचने के लिए सलूणी से बाहर चम्बा जाना पड़ा जो काफी दूर है लेकिन जैसे-जैसे अधिक मशरूम पैदा होने लगा वैसे-वैसे सलूणी सहित गांव के लोगों ने भी अमर सिंह के घर से ही मशरूम खरीदने शुरू कर दिए। जब भी कोई समारोह इत्यादि होते हैं तो लोग अमर सिंह के घर से मशरूम खरीद कर ले जाते हैं। मशरूम की खेती से अमर सिंह हर साल 4 से 5 लाख रुपए कमा रहे हैं।

अमर सिंह का कहना है कि अब हमारा परिवार इसी मशरूम की फसल के ऊपर निर्भर करता है। उन्होंने किसानों-बागवानों से आह्वान किया है कि वे मशरूम की खेती को बढ़ावा दें, खासकर युवा पीढ़ी जो आज के दौर में इधर-उधर भटकती रहती है वह इस व्यवसाय को अपनाए। इससे उनकी आर्थिकी सुदृढ़ हो सकती है। ऐसा कोई भी व्यवसाय नहीं है जो 3 महीनों में आपकी आय को दोगुना करके दे लेकिन मशरूम एक ऐसी खेती है, जिसमें आप 20 हजार लगाकर 40 हजार रुपए कमा सकते हैं। सभी किसानों बागवानों को इस व्यवसाय की ओर ध्यान देना चाहिए।