सैंसर घड़ी के जरिए साक्षी के मोबाइल तक पहुंचने की कवायद शुरू

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पानीपत

देश के तीसरे बड़े चावल निर्यातक रोहित गर्ग व उसकी महिला मित्र साक्षी की दिल्ली पैरलल नहर में डूबने से हुई मौत पुलिस के लिए एक पहेली बनकर रह गई है। 8 दिन बाद भी इसका खुलासा नहीं हो पाया कि आखिर क्या कारण रहा कि दोनों के बीच इस कद्र विवाद बढ़ा कि पहले महिला ने नहर में छलांग लगा दी फिर उस बचाने के प्रयास में चावल निर्यातक रोहित गर्ग भी कूद गए। मामले को लेकर एकमात्र राजदार हरदीप पर टिकी पुलिस व परिजनों की आस भी अब धूमिल होने लगी है।

क्योंकि पूछताछ में हरदीप द्वारा केवल इतना ही खुलासा किया कि रोहित उसके पास साक्षी को घायल अवस्था में लेकर आया था और फस्र्ट एड के बाद वे दोनों उसके पास से चले गए थे। अब पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल व साक्षी के शव से बरामद सैंसर वाली घड़ी के सहारे ही उसके गुमशुदा मोबाइल का सुराग लगाने में जुट गई है।मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते पानीपत पुलिस हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है तथा इस मामले पर न तो परिजन और न ही पुलिस कुछ बोलने को तैयार है।

पुलिस केवल इतना ही कह रही है कि जांच की जा रही है। पता चला है कि पुलिस ने महिला के शव के साथ मिले कानों के 4 जोड़ी टाप्स, लोकेट वाली चेन, डायमंड कंगन, हीरे की अंगूठी, सोने का ब्रेसलेट, नीलम की अंगूठी परिजनों को सौंप दिए हैं। वहीं, पुलिस ने महिला के शव की कलाई पर बंधी मिली सैंसर वाली घड़ी को फिलहाल परिजनों को नहीं सौंपी है।गौरतलब है कि महिला के परिजन आरोप लगा चुके हैं कि पुलिस ने पहले मोबाइल फोन उनके पास होने की बात कही थी। लेकिन बाद में उससे मना कर दिया। जबकि पुलिस इन आरोपों से साफ इन्कार कर चुकी है। बहरहाल पुलिस की पूरी उम्मीदें सैंसर वाली घड़ी पर टिकी हैं जिसके जरिए मोबाइल फोन तक पहुंच कर उसमें दर्ज डाटा को खंगाला जा सके। मामले में हरदीप सिंह से एक बार फिर से पूछताछ की जा सकती है।

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