कोरोना टैस्ट के मामले में पिछड़ा पंजाब

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कोरोना टैस्ट के मामले में पिछड़ा पंजाब
कोरोना टैस्ट के मामले में पिछड़ा पंजाब

जालंधर समाचार : कोरोना रोगियों को डिस्चार्ज करने की नई नीति अपनाने के बाद भले ही पंजाब में इस वायरस के एक्टिव रोगियों की संख्या लगातार कम होती नजर आ रही हो लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि पंजाब में आम लोगों के कोरोना टैस्ट नहीं हो रहे और पंजाब इस मामले में न सिर्फ पड़ासी राज्यों हरियाणा और दिल्ली के मुकाबले में पिछड़ गया है बल्कि राष्ट्रीय औसत के मामले में भी पंजाब पीछे है। 25 मई तक के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक देश में प्रति 10 लाख 2252 टैस्ट हुए हैं जबकि पंजाब में प्रति 10 लाख 2209 टैस्ट हुए है। यदि पंजाब की तुलना पड़ोसी राज्य हरियाणा, राजस्थान से की जाए तो वहां पंजाब के मुकाबले करीब 50 फीसदी ज्यादा टैस्ट हुए है। हरियाणा में प्रति 10 लाख 3308 टैस्ट हुए है जबकि राजस्थान में प्रति 10 लाख 4172 और दिल्ली में प्रति 10 लाख 8723 टैस्ट हुए है।

पंजाब में कोरोना के कम टैस्ट के मामले पर भाजपा के महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनकी सरकार शराब और रेत माफिया में व्यस्त है। पिछली कैबिनेट इसलिए रद्द हो गई थी कि शराब के पैसे ही बंदर बांट कैसे होगी और आज की कैबिनेट में भी शराब के पैसे को लेकर ही चर्चा होती रही और कोरोना को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। पहले शराब के रैवेन्यू में 2600 करोड़ रुपए की घाटे की बात उठाई गई लेकिन आज इस पर समझौता हो गया। लेकिन कोई नहीं बता रहा कि उस झगड़े वाला 2600 करोड़ रुपए कहा गया। यदि सरकार यह रैवेन्यू एक्स चैकर में डलवाती तो कोरोना टैस्ट के लिए किट्स आ सकती थी लेकिन मुख्यमंत्री छुट्टी पर है और वह सेवन स्टार फार्म हाऊस में व्यस्त है। लिहाजा पंजाब में कोरोना के टैस्ट कम हो रहे है।

अकाली नेत पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब में स्वास्थय मंत्री कोरोना को लेकर गंभीर नहीं है। सरकार का सारा ध्यान तो मरीजों को डिस्चार्ज करने में लगा है। तरनतारन में 153 मामले सामने आए थे लेकिन स्वास्थय विभाग ने 154 रोगियों को डिस्चार्ज कर दिया। सेहत मंत्री न तो केंद्र सरकार के साथ तालमेल स्थापित कर पा रहे है और न ही अपने अफसरों और स्टाफ के साथ। ऐसे में पंजाब में टैस्ट कम हो रहे है तो इसमें हैरानी नहीं होनी चाहिए क्योंकि स्वास्थय विभाग इस मामले में पूरी तरह से फेल हो रहा है। पंजाब के सेहत मंत्री को पड़ोसी राज्य हरियाणासे सबक लेना चाहिए जहां पंजाब के मुकाबले टैस्ट तो ज्यादा हो रहे हैं लेकिन कोरोना के पॉजीटिव रोगियों की संख्या कम आ रही है।

10 अप्रैल से लेकर 25 मई तक देश में कोरोना केटैस्ट किए जने की रफ्तार बढ़ी है और इस मामले में पश्चिम बंगाल सबसे आगे रहा है। पश्चिम बंगाल में इस अवधि में टैस्ट करने की रफ्तार 70.7 फीसदी रही है जबकि तमिलनाडु में टैस्ट वृद्धि की रफ्तर 54.3 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश में 49.3 प्रतिशत, झारखंड में 37.8 प्रतिशत, ओडिशा में 36 प्रतिशत और पंजाब में टैस्ट वृद्धि की रफ्तार 31.2 फीसदी रही है, पंजाब टैस्ट रफ्तार वृद्धि के मामले में भी 7वें नंबर पर रहा है। पंजाब में सबसे ज्यादा 6766 टैस्ट लुधियाना में किए गए हैं जबकि 6611 टैस्टों के साथ जालंधर दूसरे नंबर पर है, अमृतसर में अब तक 4506 टैस्ट हुए हैं और यह टैस्ट के मामले में तीसरे, मोहाली 3934 टैस्टों के साथ चौथे और पटियाला 3896 टेस्टों के साथ 5वें नंबर पर है। पंजाब में सबसे कम 1585 टैस्ट पठानकोट में हुए हैं और यह आखिरी नंबर पर है।

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