‘वंदे भारत’ व ‘मिशन समुद्र सेतु’ की रफ्तार बढ़ी

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‘वंदे भारत’ व ‘मिशन समुद्र सेतु’ की रफ्तार बढ़ी
‘वंदे भारत’ व ‘मिशन समुद्र सेतु’ की रफ्तार बढ़ी

वाशिंगटन न्यूज़ : कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाऊन के चलते दुनियाभर में फंसे भारतीयों को लाने के लिए ‘वंदे भारत मिशन’ और ‘मिशन समुद्र सेतु’ की रफ्तार बढ़ गई है। अभी तक आठ फ्लाइट्स के जरिए 1425 भारतीयों को लाया जा चुका है। वहीं, भारतीय नौसना का युद्धपोत INA जलाश्व 698 भारतीयों को लेकर मालदीव की राजधानी माले से केरल के कोच्चि के लिए रवाना हो चुका है। गुरुवार को शुरुआती दो फ्लाइट्स के बाद शुक्रवार को पांच फ्लाइट्स के जरिए लोगों को लाया गया। अभी तक संयुक्त अरब अमीरात से कुल 5 फ्लाइट्स आ चुकी हैं। इसके अलावा बहरीन, सिंगापुर और ढाका से भी एक-एक फ्लाइट्स के जरिए भारतीयों की घर वापसी हुई है। दूसरी तरफ मालदीव से भारतीयों को लाने के लिए युद्धपोत की मदद की जा रही है। आने वाले कुछ दिनों में INS जलाश्व और INS मगर की मदद से हजारों भारतीयों को वापस लाया जाएगा।

‘मिशन वंदे भारत’ पहले दिन कोझिकोड इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर दुबई आई फ्लाइट में 177 भारतीय नागरिक और कोचिन एयरपोर्ट पर अबूधाबी से आई फ्लाइट में 181 नागरिक सवार थे। शुक्रवार को बहरीन से कोच्चि आई फ्लाइट में 182, सिंगापुर से दिल्ली आई फ्लाइट में 234, बांग्लादेश के ढाका से श्रीनगर के लिए आई फ्लाइट में 138 छात्र, रियाद से केरल के लिए आई फ्लाइट 152 और दुबई से चेन्नै आई दो फ्लाइट्स में कुल 356 भारतीय नागरिक सवार थे।

सिंगापुर से आई फ्लाइट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर उतरी। इसमें आए 234 यात्रियों को स्क्रीनिंग के बाद एयरोसिटी, द्वारका और साउत दिल्ली के होटलों में क्वारंटीन के लिए भेज दिया गया। वहीं, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के नागरिकों को बसों के जरिए उनके गृह राज्य भेज दिया गया। अब तक भारत आ चुके नागरिकों के अलावा लगभग 250 भारतीय छात्र और यात्री यूके में अपनी बारी का इंचजार कर रहे हैं। शनिवार को लंदन से मुंबई के लिए आने वाली फ्लाइट के जरिए ये सभी यात्री भारत पहुंचेंगे। लंदन घूमने गए यात्री लगभग दो महीने से वहीं फंसे हुए हैं। भारत आने के बाद सभी को क्वारंटीन किया जाएगा।

अगले एक हफ्ते तक 64 स्पेशल फ्लाइट्स के जरिए देश के 14,800 लोगों को दुनियाभर के अलग-अलग देशों से वापस लाया जाएगा। इसमें से 1900 लोग सिर्फ मुंबई आएंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ कहा है कि विदेश से आने वाले लोगों को 14 दिन के क्वारंटीन में रहना होगा। हालांकि, इन लोगों को प्राइवेट होटलों और किराए के कमरों में रहने की छूट भी दी गई है।

कोरोना महामारी के कारण दुनियाभर में जारी लॉकडाउन के चलते फंसे भारतीयों की घर वापसी शुरू हो गई है। ‘मिशन समुद्र सेतु’ के तहत मालदीव से भारतीयों को समुद्र के रास्ते लाया जा रहा है। माले से 698 भारतीयों को लेकर भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS जलाश्व रवाना हो चुका है। अगले कुछ दिनों में मालदीव से लगभग 5000 भारतीयों को वापस लाने की तैयारी है। ‘समुद्र सेतु’ के तहत यह पहली यात्रा है, जिससे भारतीय अपने देश लौटेंगे। इंडियन नेवी के मुताबिक, माले से चले INS जलाश्व में 698 लोगों को लाया जा रहा है। इसमें 19 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं, कुल 698 यात्रियों में से 595 पुरुष और 103 महिलाएं हैं। INS जलाश्व माले से चलकर केरल के कोच्चि पहुंचेगा।

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