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Friday, April 4, 2025

प्रेग्नेंसी के दौरान विटामिन डी की कमी होना खतरनाक, शिशु और मां के स्वास्थ्य को होते हैं ये नुकसान

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Pregnancy Health: सर्दियों के मौसम में गर्भावस्था के दौरान विटामिन डी की कमी गर्भस्थ शिशु के विकास और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है. सर्दियों के दौरान ‘विटामिन डी’ की कमी गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्‍वों की कमी पैदा कर सकती है, क्योंकि ज्यादातर माताओं और उनके बच्चों में इस जरूरी पोषक तत्व के पर्याप्त लेवल की कमी देखने को मिलती है.

सूरज की रोशनी ‘विटामिन डी’ का सबसे अच्‍छा स्रोत है. हालांकि, सर्दियों में छोटे दिन होने के कारण विटामिन डी लेवल कम हो जाता है. यह मौसमी कमी गर्भवती महिलाओं के लिए चिंताजनक हो सकती है, क्योंकि विटामिन डी कैल्शियम अवशोषण के लिए जरूरी है, जो बच्चे की हेल्दी बोन, दांतों और इम्यून सिस्टम के लिए बेहद ही जरूरी है.

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गर्भावस्था में ‘विटामिन डी’ की कमी होने के नुकसान

गर्भावस्था के दौरान ‘विटामिन डी’ की कमी से डायबिटीज, प्रीक्लेम्पसिया और कम वजन वाले बच्चे पैदा होने जैसी जटिलताएं हो सकती हैं. बच्चे के लिए यह कमी कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकती है.

क्या कहती हैं एक्सर्ट्स?

सीके बिरला अस्पताल (आर), दिल्ली में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख सलाहकार डॉ. मंजूषा गोयल ने बताया, “ठंड के महीनों के दौरान विटामिन डी के अलावा गर्भावस्था के दौरान कई पोषण तत्‍वों की कमी हो सकती है.”

आगे कहा, “गर्भवती महिलाओं में खराब डाइट रिलेटेड आदतों से उनमें आयरन, फोलेट और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. जो गर्भ में पल रहे बच्चे के मस्तिष्क और नर्व्स सिस्टम की ग्रोथ के लिए जरूरी हैं. आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है, जबकि अपर्याप्त फोलेट का सेवन बच्चे में न्यूरल ट्यूब दोष के जोखिम को बढ़ाता है.

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उन्होंने आगे कहा, “ओमेगा-3 फैटी एसिड ब्रेन ग्रोथ, दृष्टि और ऑलओवर ग्रोथ को सपोर्ट करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. इन जोखिमों को कम करने के लिए गर्भवती महिलाओं को जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर बैलेंस को प्राथमिकता देनी चाहिए.”

विटामिन डी की कमी को कैसे दूर करें?

“विटामिन डी से भरपूर लेवल में साल्मन और मैकेरल जैसी फैटी फिश, फोर्टिफाइड डेयरी प्रोडक्ट्स और अंडे की जर्दी शामिल हैं. इसमें डॉक्टरों की सलाह से विटामिन डी के सप्लीमेंट लिए जा सकते हैं. सर्दियों में भी बाहरी एक्टिविटी के जरिए से सुरक्षित धूप में रहने से विटामिन डी लेवल को बढ़ाने में मदद मिल सकती है.”

डॉक्टर ने बताया, “प्रीनेटल न्यूट्रिशनिष्ट के प्रति सचेत दृष्टिकोण, नियमित प्रसवपूर्व जांच यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है कि गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे दोनों को जरूरी पोषक तत्व मिल सके.”

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)





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