18.7 C
Munich
Friday, April 4, 2025

'शिनरिन-योकू, ज़ज़ेन' ये कोई टंग ट्वीस्टर नहीं, बल्कि दिमाग को डिटॉक्स करने की ये हैं 5 जापानी टेक्नीक्स, जानें कैसे करती हैं काम

Must read


5 Japanese Techniques : आज के तेज़ और भागदौड़ भरे जीवन में, मेंटल तनाव और चिंता एक नॉर्मल प्रॉब्ल बन गई है. लोग अपने दिमाग को शांत और बैलेंस्ड रखने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करते हैं. जापान ने हमें कुछ अद्भुत मेंटल पीस और ताजगी बनाए रखने की टेक्नीक्स दी हैं, जो न सिर्फ स्ट्रेस को कम करती हैं, बल्कि मेंटल हेल्थ को भी बेहतर बनाती हैं. इस आर्टिकल में हम 5 ऐसी जापानी टेक्नीकों के बारे में चर्चा करेंगे, जो आपके दिमाग को डिटॉक्स करने में मदद कर सकती हैं.

1. शिनरिन-योकू (Forest Bathing)
शिनरिन-योकू, जिसे ‘वन स्नान’ या फॉरेस्ट बाथ भी कहा जाता है, एक ऐसी टेक्नीक है जिसमें आप जंगल की पीस और नेचुरल वातावरण में समय बिताते हैं. यह सिर्फ एक नेचुरल प्लेस पर समय बिताना नहीं है, बल्कि यह आपके पूरे शरीर और दिमाग को ताजगी देने का एक तरीका है. ताज़ी हवा में सांस लेना, पक्षियों की आवाज़ सुनना और जंगल के बीच चलते हुए पीस का अनुभव करना, आपके दिमाग को तनाव से मुक्त करता है. इस टेक्नीक से कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर कम होता है और मेंटल क्लारिटी में बढ़ोत्तरी होती है. यह आपको तनावपूर्ण परिस्थितियों से दूर जाने और मेंटल थकावट से छुटकारा पाने का एक प्रभावी तरीका प्रदान करता है.

यह भी पढ़ें – कभी-कभी बच्चों की भलाई के लिए आप भी तोड़ सकते हैं पेरेंटिंग के ये 9 रूल्स, जैसे वीकेंड्स में रात को देर से सोने देना!

2. ज़ज़ेन (Sitting Meditation)
ज़ज़ेन एक प्रकार का बौद्ध ध्यान है, जिसमें आप शांत और स्थिर स्थान पर बैठकर अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करते हैं. इस टेक्नीक का उद्देश्य मेंटल पीस और विचारों की क्लारिटी प्राप्त करना है. ज़ज़ेन के दौरान आप अपने विचारों का अवलोकन करते हैं, बिना किसी निर्णय के उन्हें आने और जाने देते हैं. यह टेक्नीक आपके मेंटल अव्यवस्था को दूर करने में मदद करती है और आपकी भावनात्मक स्थिति को संतुलित करती है. लगातार अभ्यास करने से आप अपने भीतर की पीस को महसूस कर सकते हैं.

3. काइज़ेन (Continues Improvement)
काइज़ेन का अर्थ है ‘निरंतर सुधार’, और यह एक जीवन दर्शन है जिसमें छोटे-छोटे, लगातार सुधार किए जाते हैं. इस टेक्नीक का उद्देश्य बड़े बदलावों से डरने के बजाय, रोज़मर्रा की जिंदगी में छोटे-छोटे सकारात्मक कदम उठाना है. यह मेंटल तनाव को कम करने और आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करता है. काइज़ेन की मदद से आप अपनी दिनचर्या में छोटे बदलाव कर सकते हैं, जैसे समय पर उठना, स्वस्थ आहार लेना या छोटी-छोटी आदतों में सुधार करना. इन छोटे सुधारों से आपका दिमाग स्थिर और संतुलित रहता है.

4. किंत्सुगी (The Art Of Embracing Imperfections)
किंत्सुगी एक जापानी कला है जिसमें टूटे हुए बर्तनों को सोने से जोड़कर नया रूप दिया जाता है. इस कला में, टूटने को एक खामी नहीं बल्कि एक खूबसूरत बदलाव के रूप में देखा जाता है. इसी तरह, मानसिकता को बदलकर जीवन में असफलताओं और संघर्षों को स्वीकार किया जा सकता है. जब आप अपनी खामियों और असफलताओं को एक नए दृष्टिकोण से देखते हैं, तो आप मेंटल रूप से अधिक लचीले बनते हैं. किंत्सुगी की यह विचारधारा आपको मेंटल पीस और संतुलन प्रदान करती है.

यह भी पढ़ें – हाइली इंटेलीजेंट लोगों की पहचान हैं ये 5 आदतें, आप भी बन सकते हैं उनके जैसे सुपर एक्टिव, डेली रुटीन में शामिल करें ये हैट्स

5. शुकन (Decluttering Routine)
शुकन का मतलब है, अपने आस-पास की अव्यवस्था को दूर करना, ताकि आप मेंटल पीस का अनुभव कर सकें. यह टेक्नीक न सिर्फ आपके भौतिक स्थान को साफ रखने में मदद करती है, बल्कि आपके मेंटल और भावनात्मक बोझ को भी हल्का करती है. जैसे मैरी कोंडो ने अपने विधि में कहा है, ‘जो चीज़ आपको खुशी देती है, वही रखें.’ यही विचार शुकन की मूल भावना है. जब आप अनावश्यक चिंताओं और बोझ से छुटकारा पाते हैं, तो आपका दिमाग भी अधिक शांत और केंद्रित होता है.



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article