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Pilibhit news : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में हाथियों का आतंक जारी है. PTR की माला रेंज से सटे इलाक़े सबसे अधिक प्रभावित हैं. वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें हाथियों से बचाव के उपाय बताए …और पढ़ें
सांकेतिक फोटो.
हाइलाइट्स
- पीलीभीत में हाथियों का आतंक, वन विभाग ने एडवाइजरी जारी की.
- ग्रामीणों को हाथियों से बचाव के उपाय बताए गए.
- खेतों में काम करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई.
पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में बीते लगभग दो महीनों से भी अधिक समय से आबादी के बीच हाथियों की चहलकदमी देखी जा रही है. PTR की माला रेंज से सटे इलाक़े हाथियों से सबसे अधिक प्रभावित हैं. ऐसे में वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. जिसमें उन्हें हाथियों की मौजूदगी के दौरान खुद के बचाव से जुड़ी जानकारियां दी जा रही हैं.
इन दिनों खेतों में गेहूं की कटाई की के साथ ही साथ गन्ने की बुआई भी चल रही है. वहीं पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की माला रेंज से सटे इलाकों में हाथियों की चहलक़दमी देखने को मिल रही है. इलाक़े में देखे जा रहे 2 हाथी अपने झुंड से बिछड़ गए हैं. वन विभाग की ओर से हाथियों को खदेड़ने के सभी प्रयास विफल हो रहे हैं.
वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी
ऐसे में किसानों को जागरूक करने के लिए अधिकारियों की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है. जिसमें ग्रामीणों से अपील की गई है कि वह अनावश्यक घरों से बाहर न आ रहे वहीं खेत में होने की स्थिति में ऊंचे स्थानों पर रहें. वहीं अगर अचानक हाथियों से आमना सामना हो तो घबराने चिल्लाने या फिर अचानक हरकत करने से बचें. वहीं पटाखे वह ढोल नगाड़ों से शोर शराबा करते हुए टॉर्च से हाथियों की आंखों पर रोशनी डालें जिससे हाथी के वापस लौटने की संभावना बढ़ जाती है. वहीं अगर हाथी निकल रहे हैं तो उन्हें सेफ़ पैसेज दें और उनका मार्ग अवरुद्ध न करें. वहीं देखने में हाथी शांत ज़रूर लग सकते हैं लेकिन लोगों को उनके नजदीक जाने या फिर पत्थर इत्यादि मारने पर वे आक्रामक हो सकते हैं जिसके परिणाम भयावह हो सकते हैं.
लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत
अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि निगरानी टीमें लगातार स्थिति को परख रही हैं. इसके साथ ही साथ ग्रामीणों को भी सतर्कता बरतने को लेकर जागरूक किया जा रहा है.