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BCCI ने आईपीएल 2025 में नो-बॉल और अन्य फैसलों में गड़बड़ी ना हो, इसके लिए एक नई तकनीक को अमल में लाएगी.जब बल्लेबाज क्रीज के अंदर खड़ा होगा, तब उसकी कमर की ऊंचाई, कंधों की ऊंचाई और सिर की ऊंचाई का माप लिया जाएगा. इ…और पढ़ें
बीसीसीआई ने निकाला नो बॉल और वाइड बॉल के विवाद का अनोखा हल
हाइलाइट्स
- IPL 2025 में नो-बॉल और वाइड बॉल के लिए नई तकनीक लागू होगी.
- बल्लेबाज की ऊंचाई का माप लेकर हॉक-आई सिस्टम में डाटा अपलोड होगा.
- नई तकनीक का ड्राई रन कोलकाता के ईडेन गार्डन में किया गया.
नई दिल्ली. आईपीएल में हर सीजन में जो सबसे विवादित विषय रहता है वो है नो बॉल और वाइड बॉल . ये इतना कंट्रोवर्शियल है कि कुछ साल पहले मैदान के अंदर धोनी को भी गुस्सा आ चुका है , ऋषभ पंत भी अंपायर से भिड़ चुके है और हार्दिक को भी अंपायर से बहस करते हुए देखा गया है क्योंकि नो बॉल और वाइड बॉल को लेकर कोई नियमित मापदंड नहीं है इसीलिए इस बार बीसीआई को एक टेक्नीक का इस्तेमाल करके इस विवाद को कम करना चाहता है .
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पुरजोर कोशिश कर रहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग में आउट-नॉट आउट या अन्य फैसलों में गलती की कोई गुंजाइश ना रह जाए. अब बीसीसीआई ने शॉर्ट गेंदों पर नो-बॉल या वाइड का फैसला लेने के लिए नया तरीका निकाला है. अभी IPL में कोई गेंदबाज एक ओवर में 2 बाउंसर गेंद फेक सकता है. एक ही ओवर में तीसरी शॉर्ट गेंद को नो-बॉल करार दिया जाता है. आपको याद दिला दें कि IPL 2024 में खिलाड़ी की कमर की ऊंचाई को मापकर नो-गेंद का पता लगाने के लिए नई तकनीक इजात की थी. अब बोर्ड ने उसी दिशा में एक कदम आगे बढ़ा दिया है.
टेक्नीक करेगी कप्तान का टेंशन कम
जब मैच क्लोज चल रहा हो और 1 या 2 रन से जीत हार हो जाए तो फिर टीम मैनेजमेंट को सिर्फ अंपायर के द्वारा दिया हुआ नो बॉल या वाइ़ड बॉल ही याद आते है . इसीलिए BCCI एक ऐसी टेक्नीक का इस्तेमाल करने जा रहा है जो इस प्राब्लम को कम कर देगा . BCCI के सूत्र की माने तो बल्लेबाज क्रीज के अंदर खड़ा होगा, तब उसकी कमर की ऊंचाई, कंधों की ऊंचाई और सिर की ऊंचाई का माप लिया जाएगा. इस डाटा को उस सिस्टम में अपलोड किया जाएगा, जिसे हॉक-आई ऑपरेटर इस्तेमाल करते हैं. यह ऑपरेटर थर्ड अंपायर के साथ बैठता है. इससे कमर तक की ऊंचाई वाली फुलटॉस गेंद, बाउंसर, नो बॉल और वाइड बॉल का पता चलता है. खिलाड़ियों से लिया गया डाटा, उन्हीं के मुताबिक बल्लेबाजी के समय फुलटॉस गेंदों और अन्य फैसलों में मददगार होगा. यानि अंपायर्स की सिरदर्दी थोड़ा कम हो जाएगी और उन कप्तानों को भी थोड़ी राहत महसूस होगी जो मैच के बाद नो और वाइड बॉल को कोसते हुए नजर आते है.
कोलकाता से इस्तेमाल होगी नई टेक्नीक
आईपीएल सीजन के 18वें सीजन के पहले मैच से ही इस टेक्नीक को अमल में लाया जाएगा जिसका ड्राई रन कोलकाता के ईडेन गॉर्डन में कर लिया गया है. यानि कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे और रजत पाटीदार इस लम्हें के गवाह बनने वाले पहले कप्तान होंगे.