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Sugar Alternative For Diabetes Patients: स्टीविया का चीनी का नेचुरल अल्टरनेटिव माना जाता है. अगर डायबिटीज के मरीज खाने में इस पत्ते का इस्तेमाल करें, तो शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. स्टीविया को म…और पढ़ें
स्टीविया चीनी का बेहतरीन नेचुरल विकल्प है.
हाइलाइट्स
- स्टीविया डायबिटीज मरीजों के लिए सुरक्षित स्वीटनर है.
- स्टीविया चीनी से भी 300 गुना ज्यादा मीठा हो सकता है.
- स्टीविया ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद करता है.
Stevia Health Benefits: डायबिटीज के मरीजों को खान-पान में बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है, ताकि उनका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहे. खाने में कैलोरी, फैट और शुगर की मात्रा ज्यादा हो, तो उससे शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है. ऐसे में शुगर के मरीजों को संतुलित डाइट लेने की सलाह दी जाती है. खासतौर से चीनी डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक होती है. अक्सर डायबिटीज के मरीजों का मीठा खाने का मन होता है, लेकिन शुगर लेवल बढ़ने के चक्कर में वे ऐसा नहीं करते हैं. हालांकि चीनी के बजाय डायबिटीज के मरीज कुछ नेचुरल चीजों का सेवन कर सकते हैं.
वेब एमडी की रिपोर्ट के मुताबिक स्टीविया एक नेचुरल स्वीटनर है, जो चीनी की तरह मीठा तो है, लेकिन यह ब्लड शुगर नहीं बढ़ाता है. यही वजह है कि डॉक्टर स्टीविया को डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित मानते हैं. स्टीविया एक हर्बल स्वीटनर है, जो उत्तर और दक्षिण अमेरिका में पाई जाने वाली हर्ब से प्राप्त होता है. भारत में इसे ‘मीठी तुलसी’ भी कहा जाता है. इस पौधे की पत्तियां चीनी से 50 से 300 गुना ज्यादा मीठी होती हैं, लेकिन खास बात यह है कि इनमें कैलोरी न के बराबर होती है. स्टीविया में मौजूद स्टेविओल ग्लाइकोसाइड नामक तत्व इसे बेहद मीठा बनाते हैं.
कई रिसर्च में माना गया है कि स्टीविया मीठा होता है, लेकिन यह शरीर में ग्लूकोज के स्तर को प्रभावित नहीं करता है. 2018 में किए गए एक अध्ययन में यह देखा गया कि स्टीविया का सेवन करने के बाद 60 से 120 मिनट के भीतर लोगों के ब्लड शुगर स्तर में गिरावट देखी गई. दिलचस्प बात यह है कि यह प्रभाव इंसुलिन रिलीज होने से पहले ही देखने को मिला. 2016 के एक अन्य शोध में पाया गया कि सूखे स्टीविया पत्ती के पाउडर का सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों में फास्टिंग और पोस्ट मील ब्लड शुगर लेवल में कमी देखने को मिली.
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टीविया न केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है, बल्कि इसके अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर को हानिकारक फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं. यह भूख को नियंत्रित करने के साथ ही मीठा खाने की इच्छा को खत्म कर देता है. शोध से यह भी पता चला है कि स्टीविया ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है. इसे गर्म और ठंडे पेय पदार्थों में मिलाया जा सकता है और फलों पर छिड़का जा सकता है.
अमेरिका में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने स्टेवियोल ग्लाइकोसाइड को ‘आमतौर पर सुरक्षित’ यानी जीआरएस (जनरली रिकेग्नाइज एज सेफ) का दर्जा दिया है. इसका मतलब यह है कि खाद्य निर्माता इसे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में मिलाने के लिए स्वतंत्र हैं. यही कारण है कि यह कई प्रोडक्ट में इस्तेमाल किया जाता है. डॉक्टरों की मानें तो डायबिटीज के मरीजों के लिए एहतियात जरूरी है. स्टीविया को अपने खाने में शामिल करने से पहले शरीर पर पड़ने वाले असर को देखना-परखना जरूरी है. हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और कुछ लोग स्टीविया के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं.
February 20, 2025, 10:34 IST
डायबिटीज के मरीजों के लिए चमत्कारी है यह पत्ता, चीनी से 300 गुना ज्यादा मीठा !