4.1 C
Munich
Saturday, April 5, 2025

बेहद गुणकारी हैं इस पौधे के पत्ते, चुटकियों में गायब होगा सिर दर्द

Must read


Last Updated:

कोरोना के बाद आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग बढ़ा है. निर्गुंडी कफ, वात नाशक और मानसिक शांति में मददगार है. इसका सेवन सूजन, दर्द, सिरदर्द और शुगर में लाभकारी है.

X

निर्गुंडी का पौधा 

हाइलाइट्स

  • निर्गुंडी कफ, वात नाशक और मानसिक शांति में मददगार है.
  • सिरदर्द में निर्गुंडी का लेप और काढ़ा लाभकारी है.
  • शुगर और सूजन में भी निर्गुंडी का सेवन फायदेमंद है.

बागेश्वर: हमारे आसपास कई ऐसे पेड़-पौधे हैं, जो औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. कोरोना वायरस जैसी भयानक बीमारी के बाद आयुर्वेदिक औषधियों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिला है. गिलोय, हल्दी, तुलसी, अश्वगंधा, मुलेठी जैसी चीजों के बारे में अधिकांश लोग जान चुके हैं. इन्हीं में से एक औषधि निर्गुंडी भी है, जो कई बीमारियों से दूर रखने में मदद करती है. यह औषधीय दवाओं और घरेलू नुस्खों में काम आती है. पहाड़ में निर्गुंडी का उपयोग कई तरीकों से किया जाता है. स्थानीय जानकारों का मानना है कि इसका सेवन मानसिक शांति और एकाग्रता में मदद करता है.

निर्गुंडी का सेवन और उसके लाभ
बागेश्वर के स्थानीय जानकार किशन मलड़ा ने बताया कि निर्गुंडी को कफ और वात नाशक औषधि माना जाता है. इसका सेवन सूजन और दर्द की समस्या को दूर करने में मदद करता है. निर्गुंडी के सफेद, नीले और काले रंग के अनेकों फूल होते हैं. इसके पत्ते मसलने पर एक दुर्गंध पैदा होती है. निर्गुंडी के रस और चूर्ण का सेवन किया जाता है, लेकिन ध्यान रहे कि रस का सेवन 10-20 मिली से अधिक न करें और पाउडर 3-6 ग्राम से ज्यादा न लें.

सिरदर्द और मानसिक अशांति में राहत
निर्गुंडी के पत्तों को पीसकर सिर पर लेप करने से सिरदर्द शांत होता है. इसके साथ ही, निर्गुंडी, सेंधा नमक, सोंठ, देवदारु, पीपर, सरसों और आक के बीज को ठंडे जल के साथ पीसकर गोली बना लें. इस गोली को पानी में घिसकर माथे पर लेप करने से सिरदर्द में आराम मिलता है. यह सिरदर्द और मानसिक अशांति से राहत देने का एक रामबाण उपाय है.

निर्गुंडी के फल का सेवन
निर्गुंडी के फल के 2-4 ग्राम पाउडर को हफ्ते में दो बार रात को शहद के साथ खाएं. यह मानसिक शांति में मदद करता है. आप इसके ताजे पत्तों का काढ़ा बनाकर रोज रात को पी सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि एक महीने तक लगातार इसका सेवन न करें. एक हफ्ते सेवन करने के बाद एक हफ्ते तक इसका सेवन बंद कर दें.

वात और शुगर रोगों में लाभकारी
निर्गुंडी वात रोगों से राहत दिलाने में भी मदद करती है. साथ ही, यह शुगर की बीमारी के लिए भी एक बेहतरीन इलाज है. यह औषधि कई बीमारियों के इलाज में मददगार साबित होती है और पहाड़ में इसका कई तरह से उपयोग किया जाता है.

homelifestyle

बेहद गुणकारी हैं इस पौधे के पत्ते, चुटकियों में गायब होगा सिर दर्द

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article