14.5 C
Munich
Saturday, April 5, 2025

अगर आपका बच्चा खुद को नुकसान पहुंचा रहा है, तो ये मत सोचिए कि ये सिर्फ एक आदत है—यह खतरे की घंटी है!

Must read


राजकोट: Non Suicidal Self Injury (NSSI) का मतलब है जानबूझकर अपने शरीर को नुकसान पहुंचाना या चोट पहुंचाना, लेकिन इसका उद्देश्य आत्महत्या नहीं होता. यह स्व-नुकसान आमतौर पर मानसिक या भावनात्मक समस्याओं (Emotional problems) या तनाव का सामना करने के लिए किया जाता है. मनोविज्ञान भवन के अध्यक्ष डॉ. योगेश जोगसन और अध्यापक डॉ. धारा आर. दोशी ने NSSI के कारणों और लक्षणों पर शोध कर जानकारी जुटाई है.

बता दें कि NSSI के लक्षणों में व्यक्ति जानबूझकर अपने शरीर को नुकसान पहुंचाता है, जैसे काटना, जलाना. यह क्रिया मानसिक या भावनात्मक वेदना से राहत पाने के लिए की जाती है. खुद को नुकसान पहुंचाने का उद्देश्य आत्महत्या नहीं होता, बल्कि भावनात्मक और मानसिक तनाव का सामना करना होता है.

NSSI के मुख्य कारण
NSSI के कुछ मुख्य मनोवैज्ञानिक कारणों में शामिल हैं: भावनात्मक पीड़ा, तनाव, भावनाओं को नियंत्रित न कर पाना, आत्म-सम्मान की कमी, आंतरिक या सामाजिक समर्थन की कमी, आत्म-नियंत्रण की समस्या (problem of self-control), दर्द को दूर करने का प्रयास, स्व-चोट, पिछले आघातजनक अनुभव (traumatic experiences), मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, मनोरंजन और ध्यान आकर्षित करने का तरीका, तनावपूर्ण जीवन परिस्थितियां.

NSSI के सामाजिक और व्यक्तिगत कारणों में पारिवारिक अस्थिरता, साथियों का दबाव, मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न, सामाजिक अस्वीकृति और अकेलापन, सांस्कृतिक और सामाजिक मानदंड, संबंधों में तनाव, टीवी और सोशल मीडिया का प्रभाव, और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में गलत धारणाएं शामिल हैं.

मोबाइल गेम्स का अधिक उपयोग बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास को प्रभावित कर सकता है. मुख्य नकारात्मक प्रभावों में शारीरिक स्वास्थ्य पर असर (आंखों पर तनाव, नींद की समस्याएं, मोटापा), मानसिक और भावनात्मक प्रभाव (डिप्रेशन, चिंता, आक्रामकता), शैक्षणिक प्रदर्शन (Academic Performance) पर असर (ध्यान की कमी, पढ़ाई में रुचि की कमी), और सामाजिक प्रभाव (मित्रों से दूर रहना, अकेलापन) शामिल हैं. मोबाइल गेम्स भ्रष्ट गतिविधियों, चोरी, और अपराध जैसी नकारात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर सकते हैं. आक्रामकता और हिंसक प्रवृत्तियां, वास्तविकता और कल्पना को अलग करने में कठिनाई, और सामाजिक व्यवहार में बदलाव जैसी प्रभाव देखी जा सकती हैं.

बच्चों पर हानिकारक वीडियो गेम्स का मानसिक प्रभाव
हानिकारक वीडियो गेम्स का मानसिक प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ सकता है, जो बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास को प्रभावित करता है. बच्चों को वीडियो गेम्स का संतुलित उपयोग कराना चाहिए और उन्हें पढ़ाई, खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.

कभी सोचा है कि चोट के बाद भी कुछ खिलाड़ी कैसे वापसी कर लेते हैं? ये है उनकी सबसे बड़ी सीक्रेट थेरेपी!

बच्चों को आक्रामकता को प्रोत्साहित करने वाले गेम्स जैसे PUBG, मिनीक्राफ्ट, रोब्लॉक्स, फ्री फायर, कॉल ऑफ ड्यूटी, बैटल ग्राउंड मोबाइल से दूर रखना चाहिए, जो हिंसा और युद्ध के तत्वों से भरे होते हैं. इन गेम्स का प्रभाव बच्चों के मानसिक विकास, पारिवारिक वातावरण और अन्य कारकों पर निर्भर कर सकता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article