Agency:News18 Jharkhand
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Kachnar ka Paudha: हमारे आसपास जंगलों में कई ऐसे फल, फूल और पौधे मौजूद हैं जिसके इस्तेमाल से हम कई बीमारियों को ठीक कर सकते हैं. इन्हीं में से एक है कचनार का पौधा, आइए जानते हैं इससे क्या फायदे मिलते हैं.
कचनार का पौधा और फूल
हाइलाइट्स
- कचनार पौधा इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक है.
- कचनार का सेवन सूजन और गांठ को दूर करता है.
- कचनार के पत्ते और फूल एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं.
ओम प्रकाश निरंजन / कोडरमा: बीमारियों से बचने के लिए लोग अपनी इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में हर जरूरी कदम उठाते हैं. हमारे आसपास ऐसे कई फल, फूल और पत्ते हैं जिनका सेवन कर बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है. जंगल और इसके आसपास के इलाके में रहने वाले आदिवासी और गैर आदिवासी लोग अपने भोजन में कचनार के पत्ते और इसके फूल का इस्तेमाल करते हैं. कुछ महीने पहले वन विभाग के सहयोग से एम्स नई दिल्ली की टीम ने कोडरमा और हजारीबाग के इलाके में मिलने वाले कचनार के पौधे पर शोध किया था. शोध में इसके अद्भुत औषधीय गुणों की पुष्टि हुई है.
सेहतमंद गुणों के लिए जाना जाता है कचनार पौधा, सूजन कम करने में मददगार
सदर अस्पताल कोडरमा में स्थित जिला आयुष विभाग के आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रभात कुमार ने लोकल 18 से विशेष बातचीत में बताया कि कचनार एक बहुत ही खास पौधा है. यह खूबसूरत फूलों के साथ-साथ सेहतमंद गुणों के लिए भी जाना जाता है. इसके फूल, पत्ते, छाल, और यहां तक कि इसकी कलियाँ भी औषधीय गुणों से भरी होती हैं. कचनार पौधे का पत्ता पान के पत्ता की तरह होता है. कचनार के फूल हल्के लाल और हल्के गुलाबी रंग की आसानी से मिल जाते हैं. जबकि काला और पीले रंग का फूल संथाल के जंगलों में पाया जाता है. यह शरीर के अंदरूनी और बाहरी सूजन को कम करने में काफी मददगार साबित होता है.
शरीर में बनी गांठ होती है दूर, रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है मजबूत
उन्होंने बताया की बीमारियों से बचाव के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बेहद जरूरी है. कचनार पौधे के पत्ते का साग, फूल, छाल के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. कचनार के पत्ते और फूल एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी को बूस्ट करने में सहायक होते हैं. कचनार का सेवन करने से रक्त शुद्धिकरण होता है. उन्होंने बताया कि शरीर के किसी हिस्से में गांठ होने पर कचनार के साग का नियमित तौर पर सेवन करने से गांठ पूरी तरह से ठीक हो जाता है. झारखंड के आदिवासी इलाके में लोग नियमित तौर पर इसका सेवन करते हैं. जिससे उनकी इम्युनिटी पावर बढ़ती है और बीमारियां उनसे दूर रहती है.
Kodarma,Jharkhand
January 28, 2025, 16:24 IST
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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.