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गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पास 13 एकड़ में आधुनिक ऑफिस कॉम्प्लेक्स बनेगा, जिसमें 851 वाहनों की पार्किंग, 72 सरकारी विभागों के कार्यालय और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकें होंगी.
राज्य सरकार इसमें 50 करोड़ रुपये का योगदान देगी
हाइलाइट्स
- गोरखपुर में 316 करोड़ का मेगा ऑफिस कॉम्प्लेक्स बनेगा.
- परियोजना में 50 करोड़ का योगदान राज्य सरकार देगी.
- भवन में 851 वाहनों के लिए पार्किंग और 72 सरकारी विभाग होंगे.
गोरखपुर: गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पास 13 एकड़ में एक विशाल और आधुनिक इंटीग्रेटेड ऑफिस कॉम्प्लेक्स बनने जा रहा है. यह बहुमंजिला भवन न केवल प्रशासनिक कार्यों को सुचारू करेगा, बल्कि गोरखपुर की ऐतिहासिक विरासत को भी संजोएगा. पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों से लैस यह भवन आधुनिकता और पारंपरिक महत्व का अनूठा संगम होगा.
भवन के मुख्य द्वार पर बाबा गोरखनाथ की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी. इसके अलावा, संरचना में गीता, गौतम बुद्ध और संत कबीर से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के चित्र उकेरे जाएंगे. परिसर में औषधीय पौधों का विशेष रूप से रोपण किया जाएगा, जिससे हरियाली और पर्यावरण संतुलन बना रहेगा. यह भवन न केवल प्रशासनिक कार्यों का केंद्र होगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करेगा.
सुविधाओं से भरपूर अत्याधुनिक परिसर
इस भवन में 851 वाहनों के लिए विशाल पार्किंग सुविधा होगी. ग्राउंड फ्लोर पर एक आधुनिक कैफेटेरिया बनाया जाएगा, जिससे कर्मचारियों और आगंतुकों को आरामदायक अनुभव मिलेगा. इसमें 72 सरकारी विभागों के कार्यालय होंगे, जिनमें 1,489 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. इससे सरकारी कार्यों में गति और पारदर्शिता आएगी.
तकनीकी नवाचार और हरित ऊर्जा
भवन निर्माण में परंपरागत ईंटों की बजाय AAC (ऑटो क्लेव्ड एरेटेड कंक्रीट) ब्लॉक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण मजबूत, टिकाऊ और ऊर्जा-कुशल होगा. साथ ही, इसमें सौर ऊर्जा पैनल, जल पुनर्चक्रण संयंत्र और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाए जाएंगे, जिससे यह इमारत पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल होगी.
वित्तीय प्रबंधन और सरकार की भागीदारी
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 316.23 करोड़ रुपये है. इसमें राज्य सरकार 50 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि शेष राशि पुराने भवनों की भूमि बिक्री और अन्य वित्तीय स्रोतों से जुटाई जाएगी. गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) भी इस परियोजना के लिए अतिरिक्त फंडिंग के विकल्प तलाश रहा है.
नागरिकों के लिए एकीकृत सेवाएं
GDA के उपाध्यक्ष आनंद वर्धन के अनुसार, इस भवन का डिज़ाइन ऐसा होगा कि सभी प्रशासनिक विभाग एक ही स्थान पर उपलब्ध हों. इससे गोरखपुर और अन्य जिलों से आने वाले लोगों को सरकारी कार्यों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और सभी सेवाएं एक ही परिसर में आसानी से उपलब्ध होंगी.
यह परियोजना गोरखपुर को एक नई पहचान देगी और शहर के प्रशासनिक तंत्र को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाएगी.