नई दिल्ली:
दिल्ली सरकार की आयुष्मान भारत योजना में ‘‘सबसे गरीब लोगों” को प्राथमिकता दी जाएगी. योजना के तहत 10 अप्रैल तक एक लाख लोगों को शामिल किया जाएगा, जिसका उद्देश्य दिल्ली के स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे में सुधार करना है. स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने यह जानकारी दी.
सिंह ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि योजना के तहत दिल्ली के सबसे गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसमें अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और प्राथमिकता वाले परिवार शामिल हैं. उन्होंने कहा, ‘‘समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने के बाद आयुष्मान भारत योजना को तेजी से लागू किया जाएगा. यह सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास किए जाएंगे कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों को लाभ मिले.”
मंत्री ने कहा कि इस पहल से दिल्ली के स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, मरीजों को बेहतर प्राथमिक देखभाल मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ेंगी. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, मरीजों के रिकॉर्ड डिजिटल रूप से रखे जाएंगे, जिससे बेहतर निगरानी और प्रबंधन हो सकेगा.
सिंह ने कहा, ‘‘हम सबसे पहले उन लोगों को कार्ड जारी करेंगे जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, जिसमें अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत लाभार्थी और प्राथमिकता वाले परिवार शामिल हैं. उसके बाद, हम योजना के तहत लाभार्थियों के दायरे का और विस्तार करेंगे.”
एएवाई एक सरकारी योजना है जिसे 2000 में सबसे गरीब परिवारों को अत्यधिक सब्सिडी वाला भोजन उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया था. इसे सबसे पहले राजस्थान में लागू किया गया था.
योजना के तहत, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी के ‘‘सबसे गरीब” परिवारों की पहचान करने के बाद सरकार उन्हें रियायती दरों तीन रुपये प्रति किलोग्राम चावल और दो रुपये प्रति किलोग्राम गेहूं की दर पर 35 किलोग्राम चावल और गेहूं खरीदने की अनुमति देती है.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 की सिफारिश के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना को राष्ट्रीय राजधानी में लागू नहीं किया गया. इस योजना में आयुष्मान आरोग्य मंदिर, क्रिटिकल केयर ब्लॉक, एकीकृत डायग्नोस्टिक सुविधाएं, पीएमजेएवाई और राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन शामिल हैं.
दिल्ली में 26 साल से अधिक समय के बाद अपनी सरकार बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 20 फरवरी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके छह मंत्रियों के शपथ लेने के ठीक बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी.
इस कदम से दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए स्वास्थ्य सेवा बजट में आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पिछले वर्ष के आवंटन की तुलना में 48 प्रतिशत की वृद्धि की है.
मौजूदा प्रशासन ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 12,893 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो वित्त वर्ष 2024-25 में आप द्वारा निर्धारित 8,685 करोड़ रुपये के बजट से 4,208 करोड़ रुपये अधिक है.