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Monday, April 7, 2025

लॉरेंस-गोदारा गैंग को ऑपरेट करने वाला आदित्य-जैन दुबई में गिरफ्तार, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की बड़ी कामयाबी

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जयपुर:

राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात लॉरेंस-रोहित गोदारा गैंग के अहम सदस्य आदित्य जैन उर्फ टोनी को दुबई से गिरफ्तार कर लिया. टोनी इस गैंग का “कंट्रोल रूम” माना जाता था, जो गैंग के लिए “डब्बा कॉल” सर्विस मुहैया कराता था और देशभर में धमकियों और अपराधों को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था. यह खूंखार अपराधी AGTF की टीम के साथ जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचा, जिसके बाद उसे कड़ी सुरक्षा में पुलिस हिरासत में ले लिया गया.

अपराध की दुनिया का “मास्टरमाइंड”

आदित्य जैन उर्फ टोनी लॉरेंस-रोहित गोदारा गैंग का एक ऐसा चेहरा था, जो पर्दे के पीछे से गैंग की गतिविधियों को चलाया करता है. टोनी “डब्बा कॉल” (अवैध फोन कॉल) के जरिए व्यापारियों को धमकियां देता था और फिरौती की मांग करता था. पिछले कई सालों में गैंग द्वारा की गई उगाही, फायरिंग और अन्य अपराधों में उसकी सक्रिय भूमिका रही. उस पर राजस्थान और देश के कई हिस्सों में दर्जनों मामले दर्ज थे, लेकिन वह लंबे समय से फरार चल रहा था.

इंटरपोल और AGTF की संयुक्त कार्रवाई

टोनी को पकड़ने के लिए AGTF ने इंटरपोल के साथ मिलकर एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाया. डीआईजी योगेश यादव और एएसपी नरोत्तम वर्मा के नेतृत्व में इंटरपोल टीम ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया. इसके बाद AGTF की टीम ने संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी शुरू की और पता लगाया कि टोनी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में छिपा हुआ है. एएसपी सिद्धांत शर्मा की निगरानी में चीफ इंस्पेक्टर मनीष शर्मा, चीफ इंस्पेक्टर सुनील जांगिड़ और चीफ इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप ने उसकी लोकेशन का पता लगाया.

सीबीआई के जरिए इंटरपोल को एक रेफरेंस भेजा गया, जिसके आधार पर UAE पुलिस ने टोनी को हिरासत में लिया. UAE अधिकारियों ने राजस्थान पुलिस से संपर्क कर एक टीम भेजने को कहा. इसके बाद एएसपी सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम दुबई रवाना हुई. इस टीम में चीफ इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप, चीफ इंस्पेक्टर सुनील जांगिड़, सब-इंस्पेक्टर कमलेश, हेड कांस्टेबल रमेश और कांस्टेबल सनी शामिल थे.

गैंग पर कसेगा शिकंजा

टोनी की गिरफ्तारी को लॉरेंस-रोहित गोदारा गैंग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. उसकी गिरफ्तारी से गैंग की कम्युनिकेशन चेन टूटने की संभावना है, जिससे कई और मामलों का खुलासा हो सकता है. AGTF अब टोनी से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों और उनके ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश करेगी.





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