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Success Story: अमेठी में रोजगार अभियान के तहत महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर रोजगार दिया जा रहा है. महिलाएं घरेलू उपयोग की वस्तुएं बनाकर 10-12 हजार रुपए कमा रही हैं.
महिलाओं को मिलता टूलकिट
आदित्य कृष्ण/ अमेठी : अमेठी जिले में रोजगार अभियान के तहत महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है. महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ पुरुषों को भी इसमें शामिल किया गया है.
अमेठी में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अलग-अलग स्वयं सहायता समूह में जोड़ा गया, सैकड़ों से अधिक समूह खाने पीने के समान के साथ-साथ एक जनपद एक उत्पाद के तहत घरेलू उपयोग की कई सामानबना रहे हैं. इनमें डलिया, टोकरी, कुर्सी, मेज, दरी, कालीन, चिकनकारी के कपड़े, धूपबत्ती, अगरबत्ती, मोमबत्ती, अचार, साबुन के अलावा कई उपयोगी सामान समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किया जा रहे हैं और महिलाओं को 10 से 12 हजार रुपए का फायदा इस समूह के जरिए हो रहा है.
महिलाओं को इस कार्य को करने में आसानी हो इसके लिए उन्हें सरकार की तरफ से कई सामग्रियों को मिलाकर टूलकिट भी दिया जाता है. जिससे महिलाओं को काफी फायदा होता है और उनकी कार्य क्षमता में भी वृद्धि होती है.
स्वयं सहायता समूह से जुड़ी एक महिला नन्दिता बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से उन्हें फायदा हो रहा है .उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है. उनका खुद का रोजगार है और समूह के जरिए स्वावलंबन को बढ़ावा मिल रहा है और उन्हें फायदा हो रहा है .
वहीं एक और महिला ने बताया कि समूह ने उनकी किस्मत बदली है वह अलग-अलग सामान तैयार कर उसकी बिक्री करती हैं और उससे अच्छा फायदा उन्हें होता है. उन्होंने कहा कि जब वह समूह में नहीं था तो उनके पास रोजगार का अभाव था और उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज उन्हें फायदा हो रहा है.