वडोदरा की शिक्षिका ने स्कूटर को ही बना दिया ‘मोबाइल स्कूल’

5
Vadodara teacher made scooter a mobile school

वडोदरा

आज 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर आज हम एक ऐसी महिला के बारे में बात कर रहे हैं जो गुजरात के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की लौ जला रही है। महिला की यह पहले आज के दौर इसलिए भी ज्यादा अहम हो जाता है। जब कोरोना महामारी की वजह से स्कूल बंद हैं और छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। महिला ने अपने एक्टिवा स्कूटर को ही घूमने-फिरने वाली स्कूल बना दिया है।

कोरोना महामारी की वजह से ज्यादातर स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। इस बीच गुजरात के कई गांव ऐसे हैं जहां इंटरनेट की समस्या है। जिन गांवों में इंटरनेट नहीं पहुंच रहा है वहां यह शिक्षिका घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ा रही है। यह पहल करने वाली महिला प्रियतमा कनीजा हैं जो वडोदरा जिले के मेथी गांव की शिक्षिका है।बच्चों की पढ़ाई खराब ना हो इसलिए उन्होंने स्कूटर को घूमने वाली स्कूल बना दिया है। स्कूटर पर चार्ट और ब्लैक बोर्ड लटकाकर वह घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ा रही हैं। प्रियतमा वडोदरा जिले के करजण तालुका के मेथी गांव की प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 और 2 की प्रज्ञा कक्षा में पढ़ाती हैं। सामाजिक दूरी के साथ वह मास्क पहनकर अपने छात्रों को पढ़ाती हैं। उनकी इस पहल से कोरोना काल के दौरान ग्रामीण बच्चों में शिक्षा को लेकर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।जब प्रियतमा गांव में आती हैं तो बच्चे एक जगह पर जमा होकर बैठ जाते हैं। प्रियतमा के अनुसार, कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद हैं और स्मार्ट फोन की कमी के कारण ऑनलाइन शिक्षा की पहुंच कम होने से बच्चों की पढ़ाई की नींव कमजोर होगी, जिसका असर भविष्य में भी होगा।इसे ध्यान में रखते हुए स्कूटर पर स्कूल शुरू किया। जिसके जरिए वह घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ा रही है ताकि उनकी पढ़ाई खराब न हो।

Previous articleआयशा आत्महत्या: साबरमती रिवरफ्रंट पर बनाई जाएगी 20 पुलिस चौकियां
Next articleसूरत में 12वीं के 3 छात्र, एक शिक्षक कोरोना पॉजिटिव